वर्ल्ड यूथ स्किल्स डे पर कौशल चर्चा का यहा हुआ आयोजन 

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भोपाल। आईसेक्ट द्वारा वर्ल्ड यूथ स्किल्स डे के अवसर पर स्कोप कैम्पस में “ट्रांसफॉर्मिंग यूथ स्किल्स फॉर द फ्यूचर” विषय पर कौशल चर्चा का विशेष आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य वक्ताओं में यूनिसेफ से निकिता खन्ना, एनएसडीसी से स्टेट इंगेजमेंट ऑफिसर विवेक प्रताप सिंह चौहान, टी.ए.एफ.ई के एचआर-एजीएम डॉ. पार्थ एस. बसु, एनआईटीटीटीआर से प्रो. राजेश पी. खमबायत, एमपीएसईडीसी लि. की चीफ जनरल मैनेजर अंजु पवन भदौरिया, एमपीएसएसडीईजीबी की एग्जीक्यूटिव कमिटी के चेयरमैन शैलेंद्र शर्मा और आईसेक्ट के निदेशक सिद्धार्थ चतुर्वेदी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

इसके साथ ही विशिष्ट अतिथि अंजू पवन भदौरिया, आईएएस, मुख्य महाप्रबंधक, एमपीएसईडीसी लिमिटेड ने कौशल अंतर को कम करने के व्यापक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “प्रेरित और कौशलयुक्त युवा समाज की प्रगति और अर्थव्यवस्था के विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। इसलिए कौशल विकास और सीखने की प्रक्रिया को गति देने के लिए तत्काल निवेश की आवश्यकता है जिससे वर्तमान और भविष्य की पीढ़ी को समय रहते कौशल प्रदान कर सशक्त बनाया जा सके। एमपीएसएसडीईजीबी की एग्जीक्यूटिव कमिटी के चेयरमैन शैलेंद्र शर्मा ने अपने वक्तव्य में कहा कि भविष्य में युवाओं को मल्टीस्किलिंग उन्होंने मुश्किल समय में मजबूत बनाएगी। 
                     वहीं निकिता खन्ना ने अपने वक्तव्य में महिलाओं को कौशल विकास से जोड़ने पर जोर दिया। श्री पार्थ एस. बासु ने अपने वक्तव्य में भारत की युवा शक्ति पर बात करते हुए बताया कि इसका पूरा उपयोग किया जाना आवश्यक है। हमारी इंडस्ट्री की औसत आयु वर्तमान में 30 वर्ष से कम है यह एक बड़ी उपलब्धि है। एनएसडीसी से स्टेट इंगेजमेंट ऑफिसर विवेक प्रताप सिंह चौहान ने युवाओं को स्किल्स की शेल्फ लाइफ और टेक्नोलॉजी की शेल्फ लाइफ के अनुसार स्वयं को भी अपग्रेड करने की बात कही। इससे पहले कार्यक्रम की शुरुआत सिद्धार्थ चतुर्वेदी के वक्तव्य से हुई। उन्होंने सभी को वर्ल्ड यूथ स्किल्स डे की बधाई देते हुए बताया कि इस दिवस की शुरुआत संयुक्त राष्ट्र द्वारा 2014 में की गई थी जिसका उद्देश्य इस दिन को सेलिब्रेट करने के साथ ही आगे की योजनाओं को मूर्तरूप देना था जिससे इस दिवस को सार्थकता प्रदान की जा सके। आगे उन्होंने कहा कि हमें प्रभावी और समावेशी शिक्षा, प्रशिक्षण और आजीवन सीखने के लिए युवाओं के अधिकारों को सुनिश्चित करना चाहिए, जिसके लिए तकनीकी व्यावसायिक शिक्षा और प्रशिक्षण, और डिजिटल कौशल में निवेश करते हुए युवा कौशल विकास में तेजी लाने की आवश्यकता है। कार्यक्रम में इसके अलावा आईसेक्ट लर्न की लॉन्चिंग की गई और वर्ष 2022 के लिए कौशल चैम्पियनशिप की शुरुआत की गई। साथ ही आईसेक्ट स्किल्स हीरोज का सम्मान करते हुए कौशल विकास के क्षेत्र में अद्वितीय कार्य करने वाले लोगों को सम्मानित भी किया गया। 


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