पेटीएम का बड़ा बयान: पेमेंट्स बैंक का लाइसेंस रद्द होने से कंपनी के कारोबार पर कोई असर नहीं, सेवाएं रहेंगी जारी

नई दिल्ली: फिनटेक दिग्गज पेटीएम (Paytm) ने स्पष्ट किया है कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड (PPBL) का लाइसेंस रद्द किए जाने का उसके मुख्य व्यवसाय या वित्तीय स्थिति पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ा है। कंपनी ने रेगुलेटरी फाइलिंग के जरिए निवेशकों और ग्राहकों को आश्वस्त किया है कि उसका बैंक के साथ कोई महत्वपूर्ण व्यावसायिक समझौता या वित्तीय जोखिम नहीं जुड़ा है।


आरबीआई की कार्रवाई और पेटीएम की सफाई

भारतीय रिजर्व बैंक ने शुक्रवार को जमाकर्ताओं के हितों की सुरक्षा का हवाला देते हुए पीपीबीएल का बैंकिंग लाइसेंस रद्द कर दिया था। इस पर पेटीएम ने निम्नलिखित स्पष्टीकरण दिए हैं:

  • स्वतंत्र संचालन: पेटीएम के अनुसार, पीपीबीएल एक स्वतंत्र इकाई के रूप में कार्य करता है। इसके प्रबंधन या बोर्ड के फैसलों में पेटीएम का कोई हस्तक्षेप नहीं है।

  • वित्तीय जोखिम शून्य: कंपनी ने बताया कि 1 मार्च 2024 को ही यह साफ कर दिया गया था कि पीपीबीएल में उनका कोई निवेश जोखिम (Exposure) नहीं है।

  • इम्पेयरमेंट (वैल्यू कम करना): पेटीएम ने 31 मार्च 2024 को ही बैंक में अपने निवेश के मूल्य को राइट-ऑफ (Impairment) कर दिया था, इसलिए अब कोई नया वित्तीय घाटा होने की आशंका नहीं है।


निर्बाध चलती रहेंगी सभी सेवाएं

पेटीएम ने ग्राहकों को भरोसा दिलाया है कि एप से जुड़ी उनकी पसंदीदा सेवाएं पहले की तरह बिना किसी रुकावट के काम करती रहेंगी। इनमें शामिल हैं:

  • पेटीएम यूपीआई (UPI) और ऐप सेवाएं

  • पेटीएम क्यूआर (QR) कोड और साउंडबॉक्स

  • कार्ड मशीनें और पेमेंट गेटवे

  • पेटीएम मनी और गोल्ड


मुनाफे में पेटीएम: वित्त वर्ष 2026 के शानदार आंकड़े

व्यावसायिक मोर्चे पर पेटीएम का प्रदर्शन लगातार मजबूत बना हुआ है। कंपनी के हालिया वित्तीय परिणाम इसके सशक्त बिजनेस मॉडल की तस्दीक करते हैं:

  1. लगातार मुनाफा: वित्त वर्ष 2026 में कंपनी लगातार तीन तिमाहियों से लाभ में रही है।

  2. शुद्ध लाभ: कंपनी ने 559 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया है। एकमुश्त खर्चों को हटाकर भी यह लाभ 369 करोड़ रुपये रहता है।

  3. EBITDA में सुधार: दिसंबर तिमाही में कंपनी का कर पश्चात लाभ (PAT) सालाना आधार पर 433 करोड़ रुपये बढ़कर 225 करोड़ रुपये तक पहुँच गया।

UPI मार्केट में दबदबा

पेटीएम का यूपीआई कारोबार उद्योग की औसत दर से कहीं अधिक तेजी से बढ़ रहा है। पिछले नौ महीनों में कंपनी के उपभोक्ता यूपीआई के सकल बाजार मूल्य (GMV) में 35% की वृद्धि हुई है, जबकि पूरे उद्योग की विकास दर महज 16% रही।

बेहतर नतीजों और मजबूत मार्जिन प्रोफाइल को देखते हुए कई प्रमुख ब्रोकरेज फर्मों ने कंपनी के भविष्य को लेकर सकारात्मक रुख अपनाया है। विशेषज्ञों का मानना है कि पेटीएम का राजस्व मॉडल अब पहले से कहीं अधिक स्थिर और लाभदायक है।